Xi Jinping Trump Meeting: अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर जारी प्रतिस्पर्धा के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में करीब 90 मिनट तक बातचीत की। बैठक में ताइवान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। ताइवान पर शी ने क्या कहा? चीनी सरकार के मुताबिक, शी जिनपिंग ने बातचीत में ताइवान को लेकर बीजिंग का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने अमेरिका से ‘ताइवान की आजादी’ का विरोध करने और इस मुद्दे को सावधानी से संभालने की अपील की। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान स्वयंशासित लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत संचालित होता है। हालांकि, बैठक के बाद जब दोनों नेताओं से पत्रकारों ने पूछा कि बंद कमरे की बातचीत में ताइवान पर चर्चा हुई या नहीं, तो दोनों ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बाद में बताया कि शी ने बैठक में ताइवान का मुद्दा उठाया था। AI पर प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग AI भी दोनों नेताओं की बातचीत का प्रमुख विषय रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने AI से जुड़े जोखिमों और सुरक्षा को लेकर संवाद तथा सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। इससे पहले अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच AI सुरक्षा और संभावित घटनाओं की सूचना साझा करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हो चुकी थी। हालांकि, बैठक से AI पर किसी बड़े औपचारिक समझौते की घोषणा सामने नहीं आई। दोनों देशों के बीच उन्नत तकनीक और AI को लेकर प्रतिस्पर्धा अभी भी बनी हुई है। व्यापार पर भी हुई बातचीत ट्रंप ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संवाद जारी रखने की बात कही। हालिया व्यापारिक समझ के तहत बाजार पहुंच और अन्य मुद्दों पर प्रगति का भी उल्लेख हुआ, लेकिन बैठक से किसी बड़े नए व्यापार समझौते की घोषणा नहीं हुई। यूक्रेन और मध्य पूर्व समेत अन्य मुद्दे ट्रंप और शी ने ताइवान और AI के अलावा मध्य पूर्व, यूक्रेन और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर भी विचार साझा किए। दोनों देशों के बीच बातचीत का एक उद्देश्य मतभेदों के बावजूद संवाद के रास्ते खुले रखना रहा। नेशनल आर्काइव्स पहुंचे शी शी जिनपिंग के अमेरिकी दौरे के अंतिम चरण में ट्रंप उन्हें शुक्रवार को वॉशिंगटन स्थित नेशनल आर्काइव्स ले गए। वहां अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा, संविधान और बिल ऑफ राइट्स जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित हैं। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास की महत्वपूर्ण चीजें दिखाने का अवसर बताया। ट्रंप-शी की इस बैठक में गर्मजोशी के संकेतों के बावजूद ताइवान, व्यापार और तकनीक जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मूलभूत मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में बातचीत को आगे बढ़ाना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। ये भी पढ़ें: UN में जेलेंस्की का बड़ा दावा, भारत समेत 47 देशों को दी चेतावनी! रूस पर लगाए गंभीर आरोप